Saturday, October 24, 2026
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“रायपुर–उरकुरा–मांढर रेलखंड हुआ ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली से लैस” आधुनिक सिग्नलिंग से बढ़ी क्षमता, एक साथ कई ट्रेनों का सुगम एवं संरक्षित परिचालन संचालन संभव”

बिलासपुर – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने हेतु निरंतर आधुनिक तकनीकों को अपना रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रायपुर मंडल के अंतर्गत रायपुर–उरकुरा एवं उरकुरा–मांढर रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया है।

इस परियोजना के अंतर्गत रायपुर–उरकुरा (लगभग 3 किलोमीटर, डबल लाइन) तथा उरकुरा–मांढर (लगभग 9 किलोमीटर, ट्रिपल लाइन) रेलखंड पर कुल 12 किलोमीटर लंबाई में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की गई है, जो डबल लाइन समतुल्य लगभग 21 किलोमीटर के बराबर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026–27 में इस परियोजना के तहत अब तक कुल 21 किलोमीटर डबल लाइन समतुल्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

इस आधुनिक प्रणाली के अंतर्गत 14 नए ऑटोमेटिक सिग्नल एवं 2 सेमी-ऑटोमेटिक सिग्नल स्थापित किए गए हैं। साथ ही कुल 80 डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC, Sigma मेक) लगाए गए हैं, जिनमें ड्यूल डिटेक्शन एवं मीडिया डाइवर्सिटी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे ट्रेन की सटीक एवं रीयल-टाइम स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

रायपुर–उरकुरा खंड में अप एवं डाउन लाइनों पर 3-3 ऑटो सेक्शन तथा उरकुरा–मांढर खंड में अप, डाउन एवं मिड लाइन (द्विदिशीय) पर 4-4 ऑटो सेक्शन बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इंटर-स्टेशन ब्लॉक इंटरफेस ट्रांसमिशन के लिए यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस (UFSBI) प्रणाली तथा उरकुरा–मांढर खंड में मिड लाइन के लिए डायरेक्शन सेटिंग पैनल की सुविधा भी प्रदान की गई है।
संरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समपार फाटक संख्या 417 पर एक नया ऑटो हाट भी स्थापित किया गया है, जिससे सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता और बेहतर हुई है।

ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने से अब एक ही ब्लॉक सेक्शन में एक ही दिशा में एक से अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है। इससे ट्रेनों की गति में वृद्धि, समय की बचत तथा लाइन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब ट्रेनों को आगे बढ़ने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, जिससे परिचालन अधिक सुचारु एवं कुशल हो गया है।

रेलवे में सिग्नलिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा परिचालन की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल ट्रेनों की गति और संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि यात्रियों को संरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी सुनिश्चित हो रहा है।


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