Friday, October 23, 2026
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जिला कांग्रेस अध्यक्ष नगेंद्र नेगी ने जिले में लगातार गहराते बिजली संकट को लेकर कड़ा आक्रोश रायगढ़ में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई अघोषित कटौती पर रोक नहीं लगी, तो जिला कांग्रेस कमेटी जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी

रायगढ़  (25 अप्रैल 2026) । जिला कांग्रेस अध्यक्ष नगेंद्र नेगी ने जिले में लगातार गहराते बिजली संकट को लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि रायगढ़ में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक लो वोल्टेज की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है, जिसके कारण आम नागरिकों का दैनिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। घरों में पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक उपकरण ठीक से नहीं चल पा रहे हैं, वहीं बार-बार वोल्टेज घटने-बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।

नेगी ने कहा कि स्थिति तब और भी गंभीर हो जाती है जब लोड सेटिंग के नाम पर घंटों-घंटों तक अघोषित बिजली कटौती की जाती है। बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली बंद कर देना प्रशासन की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं किसान सिंचाई कार्य नहीं कर पा रहे हैं और छोटे व्यापारियों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग की लापरवाही, रखरखाव की कमी और योजनाबद्ध प्रबंधन के अभाव के कारण यह संकट उत्पन्न हुआ है। समय रहते यदि लाइन सुधार, ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस और विद्युत आपूर्ति की समुचित योजना बनाई जाती, तो आज जनता को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

नेगी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही लो वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया और अघोषित कटौती पर रोक नहीं लगी, तो जिला कांग्रेस कमेटी जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

कांग्रेस प्रवक्ता तारेंद्र डनसेना ने भी जिले में बिगड़ती बिजली व्यवस्था पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि रायगढ़ में बिजली संकट अब केवल एक तकनीकी समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार और प्रशासन की विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर आम जनता को मूलभूत सुविधा बिजली के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से फसलों को नुकसान हो रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।

डनसेना ने कहा कि लगातार लो वोल्टेज के कारण न केवल घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि उद्योग-धंधों, छोटे व्यवसायों और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों से यह शिकायतें आ रही हैं कि रात के समय भी बिजली कटौती जारी रहती है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोड सेटिंग के नाम पर बिना सूचना बिजली बंद करना पूरी तरह से जनता के अधिकारों का हनन है और यह दर्शाता है कि प्रशासन जनता के प्रति संवेदनशील नहीं है।

डनसेना ने मांग की कि विद्युत विभाग तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाए, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए, लाइन लॉस और तकनीकी खामियों को दूर किया जाए तथा एक पारदर्शी और पूर्व सूचना आधारित बिजली कटौती प्रणाली लागू की जाए।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से जन आंदोलन शुरू करेगी, जिसमें धरना, प्रदर्शन और घेराव जैसे कदम शामिल होंl

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