
25 अप्रैल, 2026/केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बीईएमएल लिमिटेड के टिप्पसंद्रा परिसर, बेंगलुरु का दौरा किया, जहाँ उन्होंने उच्च गति रेल निर्माण के लिए समर्पित विशेष कॉम्प्लेक्स ‘आदित्य’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि उच्च गति रेल प्रौद्योगिकी अत्यंत जटिल एवं सूक्ष्म है, और इसका देश में विकास स्वदेशी अभियांत्रिकी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
नव उद्घाटित आदित्य कॉम्प्लेक्स वर्तमान में बी-28 कोचों के विकास हेतु तैयार किया गया है।
मंत्री ने उच्च गति रेल की परिवर्तनकारी क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि इन ट्रेनों के आगमन से प्रमुख शहर एक-दूसरे के विस्तार के रूप में देखे जाने लगेंगे।
उन्होंने चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा समय का उदाहरण देते हुए बताया कि यह घटकर मात्र 73 मिनट रह जाएगा, जिससे दोनों शहर एक एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
मुम्बई और बेंगलुरु के बीच कनेक्टिविटी के संबंध में मंत्री ने कहा कि दो नई सेवाओं के शुरू होने से संपर्क और बेहतर होगा। हुबली के रास्ते एलएचबी कोचों के साथ एक नई मेल/एक्सप्रेस सेवा शुरू की जाएगी, और एक वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस जल्द ही संचालन में लाई जाएगी।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर बोलते हुए मंत्री ने पुष्टि की कि मंगलुरु और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवा बहुत जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस सेवा की योजना बनाते समय मडगांव तथा कर्नाटक के अन्य तटीय शहरों को जोड़ने का विशेष ध्यान रखा गया है। तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया गया है, जिसमें हासन–मंगलुरु खंड का विद्युतीकरण पूर्ण होना तथा तीव्र ढलानों पर सुरक्षा के लिए ऑटोमेटेड इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) प्रणाली का समावेश शामिल है।
दौरे के समापन पर मंत्री ने टिप्पसंद्रा संयंत्र के इंजीनियरों की सराहना करते हुए कहा कि अगली पीढ़ी के रोलिंग स्टॉक पर उनका कार्य विकसित भारत के विजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बड़े पैमाने पर अवसंरचना विकास के साथ पर्यावरणीय स्थिरता और जन-जागरूकता के संतुलन हेतु सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
