Friday, October 23, 2026
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सेवई घास की टोकनी से बदली जिंदगी: समूह की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर बिहान से मिला प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग, अब “लखपति दीदी” बनने की राह पर

सामूहिक प्रयास और मेहनत से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की भेडीमूड़ा-अ की महिलाएं

रायगढ़, 16 मार्च 2026/ जनपद पंचायत लैलूंगा के ग्राम-भेडीमूड़ा ‘अ’ की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और मेहनत से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” से जुड़ने के बाद महिला जागरूकता स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आजीविका में बड़ा बदलाव आया है। समूह की सदस्य कमला भगत और कुमारी भगत बताती हैं कि पहले समूह की महिलाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सवाई घास से छोटे स्तर पर टोकनी बनाकर किसी तरह अपनी आजीविका चलाती थीं। सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल होता था।
बिहान मिशन से जुड़ने के बाद समूह को 15 हजार रुपये की रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) राशि 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसके साथ ही महिलाओं को टोकनी निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन में भी सुधार हुआ। प्रशिक्षण के बाद समूह की महिलाओं ने सेवई घास और छींद कांसा से आकर्षक और टिकाऊ टोकनी बनाना शुरू किया। इनके उत्पादों की स्थानीय बाजार में अच्छी मांग है, जिससे समूह की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। समूह की महिलाएं बताती हैं कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं मिला, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज वे नियमित रूप से टोकनी बनाकर बाजार में बेच रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ा दिया है।

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